हर्ष महाजन ने पूछा जल शक्ति मंत्रालय से.. मिली कितनी वित्तीय सहायता...
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में दी गई वित्तीय सहायता एवं उसके उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद महाजन के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने सदन में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को जल जीवन मिशन, बाढ़ प्रबंधन, कमांड एरिया विकास और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं के अंतर्गत बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान की है।
उत्तर में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल को वर्ष 2022-23 में कुल उपलब्ध राशि ₹2163.83 करोड़ रही, जिसमें से ₹1615.65 करोड़ का व्यय किया गया। वर्ष 2023-24 में कुल उपलब्ध राशि ₹950.52 करोड़ रही और ₹859.96 करोड़ खर्च किए गए। वहीं 2024-25 में ₹228.04 करोड़ उपलब्ध हुए और ₹189.20 करोड़ का व्यय दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल को जल आपूर्ति व ग्रामीण विकास के लिए मजबूत सहायता दे रही है।
इसके अतिरिक्त फ्लड मैनेजमेंट एंड बॉर्डर एरियाज प्रोग्राम के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में हिमाचल को ₹30.16 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिसके उपयोगिता प्रमाणपत्र भी राज्य सरकार द्वारा जमा करवाए गए हैं। साथ ही मॉडर्नाइजेशन ऑफ़ कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट योजना में वर्ष 2025-26 के लिए ऊना जिले के हरोली ब्लॉक में परियोजना हेतु ₹4.37 करोड़ जारी किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री के उत्तर में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को पिछले वर्षों में कुल ₹450.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की गई है। इनमें वर्ष 2023-24 में ₹142.30 करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹113.00 करोड़ तथा 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में ₹154.76 करोड़ शामिल हैं। राज्यसभा सांसद डॉ. हर्ष महाजन ने कहा कि राज्यसभा में रखे गए ये तथ्य कांग्रेस सरकार के उस झूठे प्रचार को पूरी तरह उजागर करते हैं जिसमें बार-बार कहा जाता है कि केंद्र से हिमाचल को पैसा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहयोग कर रही है और राज्य सरकार को चाहिए कि इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कर जनता को लाभ पहुंचाए।
डॉ. महाजन ने यह भी बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा पीएमकेएसवाई के अंतर्गत कुल 9 उपयोगिता प्रमाणपत्र केंद्र सरकार को जमा करवाए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि धन जारी भी हुआ है और उसके उपयोग की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी देवभूमि को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।
