हिमाचल: एंट्री टैक्स पर सरकार का यू-टर्न, दबाव में झुकी सरकार, छोटे वाहनों को राहत
हिमाचल में एंट्री टैक्स को लेकर भड़की सियासत और बॉर्डर पर बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा है। भारी विरोध और दबाव के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बड़ा ऐलान करते हुए एंट्री टैक्स बढ़ोतरी के फैसले को आंशिक रूप से वापस लेने की घोषणा कर दी। सरकार ने साफ किया कि अब 5 सीटर और 6 से 12 सीटर वाहनों पर पहले वाला ही टैक्स लागू होगा, जिससे आम लोगों और रोजाना सीमावर्ती इलाकों में आने-जाने वालों को सीधी राहत मिलेगी।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब एंट्री टैक्स बढ़ोतरी को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच माहौल लगातार गरमा रहा था। बॉर्डर क्षेत्रों में विरोध की चिंगारी सुलग चुकी थी और व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों में भी भारी नाराजगी थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि दोनों राज्यों के बीच “भाईचारे” पर भी असर पड़ने की बातें सामने आने लगी थीं। विधानसभा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने माना कि टैक्स को लेकर भ्रम की स्थिति बनी, खासकर FASTag सिस्टम से जुड़ने के बाद लोगों को ज्यादा बोझ महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की परेशानी समझती है और उसी के मद्देनजर यह राहत दी गई है।
हालांकि, सरकार का यह यू-टर्न पूरी तरह नहीं माना जा रहा। बड़े और कमर्शियल वाहनों पर अभी भी बढ़ा हुआ शुल्क बरकरार रहने के संकेत हैं, जिससे व्यापारिक वर्ग में असंतोष खत्म नहीं हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सीधे तौर पर जनदबाव और पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ बढ़ते तनाव का नतीजा है। विपक्ष पहले ही सरकार को घेर चुका था और अब इस आंशिक राहत को “देर से लिया गया फैसला” बता रहा है।
