हिमाचल: अप्रैल में कड़ाके की ठंड, शिमला-स्पीति में बर्फबारी, 5 जिलों में ओलावृष्टि-तूफान का अलर्ट
अप्रैल के महीने में भी हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। निचले इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है, जबकि ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है। रातभर तेज बारिश और कई जगह तूफान चलने से ठंड एक बार फिर दिसंबर-जनवरी जैसी महसूस होने लगी है। वहीं शिमला के पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी समेत लाहौल स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह 6 बजे के बाद बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने आज भी पांच जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट दे रखा है।
भारी बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि और तेज तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले 48 घंटों तक मौसम में सुधार के आसार नहीं हैं। इसके बाद भी कुछ दिनों तक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
ऊना के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 9.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सोलन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 9.1 डिग्री कम होने के बाद 23.6 डिग्री, कांगड़ा का 6.1 डिग्री लुढ़कने के बाद 26 डिग्री, सुंदरनगर का 5.6 डिग्री कम होने के बाद 23.3 डिग्री सेल्सियस रह गया है। बीते 24 घंटे में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री, कुकुमसैरी का 0.4, ताबो का पारा 1.1 डिग्री, मनाली का 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सोलन 8.5, भुंतर व शिमला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन में कई शहरों का पारा माइनस में जाने की संभावना है।
IMD के अनुसार- अगले 48 घंटे भी ठंड से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है।
अगले कल भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। नौ अप्रैल के लिए मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, इस दिन अधिक ऊंचे पहाड़ों पर ही हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 11 व 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। इस बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर सेब बागवानों पर पड़ा है। बर्फबारी और ठंड के कारण सेब की फ्लावरिंग प्रभावित हो रही है, जिससे फसल को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। एंटी हेल नेट और बांस भी बर्फ के भार से टूट रहे हैं, जिससे बागवानों की चिंता और बढ़ गई है।
