Israel and Iran War: खाड़ी देशों में फंसे हिमाचल के हजारों लोग, परिजन चिंतित
हिमाचल प्रदेश के 45,000 से ज्यादा लोग खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। वहीं, परिजन इस बात से चिंतित हैं कि कब हमारे अपने वतन वापस आएंगे। इसी के साथ ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचली युवाओं और उनके परिजनों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचली युवाओं और उनके परिजनों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि विभाग को सतर्क किया गया है। यदि युवाओं या उनके परिजनों की ओर से वापसी की मांग आती है, तो राज्य सरकार केंद्र सरकार के माध्यम से उन्हें सुरक्षित वापस लाने का मामला उठाएगी। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र के साथ समन्वय कर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए।
वहीं दिल्ली से खाड़ी देशों के लिए उड़ानें रद्द होने के कारण इस्राइली नागरिक हिमाचल से अपने वतन नहीं लौट पा रहे हैं। रविवार को एक इस्राइली महिला गगल एयरपोर्ट पहुंची, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनिश्चितता के चलते उन्हें यहीं रुकना पड़ा। उन्होंने फोन पर परिवार से संपर्क कर हालात की जानकारी ली। हालांकि, कांगड़ा एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली तीन नियमित उड़ानें निर्धारित समय पर पहुंचीं। कांगड़ा हवाई अड्डा के निदेशक अमित सकलानी और वरिष्ठ प्रबंधक शैलेश सिंह ने बताया कि विशेष एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। उड़ानें नियमित आ रही हैं।
