जसवां-परागपुर: लॉरिएट इंस्टिट्यूट में AI–ML आधारित 7 दिवसीय कार्यशाला का हुआ सफल आयोजन
लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में “एप्लाइड पाइथन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग” विषय पर आयोजित 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन भव्य वैलिडिक्टरी समारोह के साथ किया गया। यह कार्यशाला स्किल्ड इंडिया, AI–ML इन एजुकेशन एवं विकसित भारत 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती तकनीकों से सशक्त बनाना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रण सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आज की शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के BCA विद्यार्थियों के लिए ये तकनीकें रोजगार एवं नवाचार के नए द्वार खोलती हैं। उन्होंने इस प्रकार की व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित कार्यशालाओं के आयोजन के लिए संस्थान की सराहना की।
कार्यक्रम में डॉ. एम. एस. आशावत, कैंपस डायरेक्टर, लॉरिएट इंस्टिट्यूट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लॉरिएट कैंपस में कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ फार्मेसी जैसे विषयों में भी तकनीकी एवं अनुसंधान-आधारित कार्यशालाओं का आयोजन समय की आवश्यकता है और संस्थान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता रहेगा। कार्यशाला के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष (कंप्यूटर साइंस) प्रो. जसबीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि यह कार्यशाला AICTE के नवीन दिशानिर्देशों एवं वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप डिज़ाइन की गई थी।
इस कार्यशाला में लॉरिएट इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक तथा राजकीय महाविद्यालय ऊना के कुल 71 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सत्रों में भाग लिया और AI–ML से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के अन्य शिक्षकों में प्रो. सी.पी.एस. वर्मा, सहायक प्राध्यापक विजय धीमान, अक्षु धीमान, भुवनेश कुमार, ज्योति बंसल, तन्वी, अक्षय तथा स्टाफ सदस्य अंकुश और रिम्पी राणा भी उपस्थित रहे।
