जसवां-प्रागपुर: सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोलें हिमाचल के साथ हुआ अन्याय
पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के वाइस चेयरमैन सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि आपदा राहत के नाम पर हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं में प्रदेश को ₹13,500 करोड़ का भारी नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से अब तक केवल ₹2,100 करोड़ की सहायता मिलना देवभूमि के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है।
मनकोटिया ने बताया कि 2023 की आपदा में हुए ₹12,000 करोड़ के नुकसान की राहत दो साल बाद 2025 में महज ₹1,500 करोड़ के रूप में दी गई, जबकि 2025 की आपदा पर बार-बार गुहार लगाने के बाद सिर्फ ₹600 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा शासित राज्यों को आपदा राहत दिल खोलकर दी जाती है, तो हिमाचल को हर बार देरी और कटौती का सामना क्यों करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि हजारों प्रभावित परिवारों के दर्द, उजड़े घरों और छीने गए रोज़गारों का है। यह दोहरा मापदंड हिमाचल के स्वाभिमान पर सीधा हमला है।
मनकोटिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र की बेरुखी और राजनीतिक अड़चनों के बावजूद उन्होंने प्रदेश को संभालकर रखा है। ₹11,400 करोड़ के शेष नुकसान की भरपाई का दबाव राज्य सरकार पर आ गया है, जिसके कारण कई योजनाओं और मदों में वित्तीय चुनौतियां सामने आ रही हैं, फिर भी हिमाचल आगे बढ़ रहा है उन्होंने कहा, “हिमाचल मुश्किलों में भी झुका नहीं है। संकट बड़ा है, लेकिन हौसला उससे कहीं बड़ा क्योंकि बंदे में दम है।”
