नर्सिंग कोर्स: प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के लिए 160, निजी के लिए 80 सीटें आवंटित
हिमाचल में नर्सिंग कोर्स के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज और मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों के लिए सीटों का आवंटन कर दिया है। वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल मेडिकल कॉलेजों में 160 और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 80 सीटों का आवंटन किया गया है। जनरल नर्सिंग और मिड वाइफ के लिए यह तीन साल का कोर्स होगा। हिमाचल प्रदेश में आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, चंबा, हमीरपुर और नाहन छह मेडिकल काॅलेज हैं। इनमें यह कोर्स कराए जाते हैं, निजी संस्थानों को भी सरकार ने कोर्स कराने की मान्यता दी है। हिमाचल प्रदेश में 50 से ज्यादा सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान है।
सरकार की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेज खोलने के नियम बनाए गए हैं। इसमें नर्सिंग संस्थानों में आधारभूत ढांचा, अध्यापन स्टाफ, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है। सरकार की ओर से जिन संस्थानों को कोर्स कराने की मान्यता दी गई है। शिक्षा स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इनका आधारभूत ढांचा और अन्य सुविधाओं को जांचा जाएगा। नियमों के अनुसार नर्सिंग संस्थान खोलने की अनुमति से पहले भवन सहित आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। इसी के हिसाब से सीटें निर्धारित की जाएंगी।
अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल करने के लिए प्रयोगशाला सहित कैंपस का होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में कई नर्सिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठती रही हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय की ओर से समय-समय पर निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आती रही हैं। बाकायदा इसको लेकर निदेशालय से नोटिस तक जारी भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हिमाचल में ऐसी नर्सें तैयार हों, जो हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा विदेशों में भी बेहतर काम कर सकें।
