पालमपुर: CSIR अरोमा मिशन टीम, राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 से सम्मानित
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् CSIR को उसके प्रमुख कार्यक्रम "CSIR अरोमा मिशन" के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 के तहत "विज्ञान टीम पुरस्कार (कृषि विज्ञान)" श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय कृषि को वैज्ञानिक नवाचार, किसान सशक्तिकरण और सतत आजीविका के माध्यम से रूपांतरित करने में मिशन के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। CSIR हिमालय जैव सम्पदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने विशेष रूप से हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों में अरोमा मिशन के सफल क्रियान्वन में नेतृत्वकारी और कार्यान्वयन भूमिका निभाई है। संस्थान ने उन्नत सुगन्धित फसलों की किस्में, कृषि तकनीकें, आसवन प्रक्रियाएं और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने वाले उपाय विकसित किए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण समुदायों को मिला हैं।
अरोमा मिशन के अंतर्गत CSIR - IHBT ने उच्च मूल्य वाली सुगन्धित फसलों की 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा दिया हैं। संस्थान ने पर्वतीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों के लिए स्थान-विशिष्ट कृषि तकनीकें विकसित की हैं, 66 ऑन-फॉर्म और सामुदायिक स्तर के आसवन इकाइयां स्थापित की हैं विशेष रूप से आकांक्षी जिला चम्बा में और किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त किया हैं। इसके साथ ही, आवश्यक तेलों की मूल्य-श्रृंखला और बाजार से जुड़ाव को भी मजबूत किया गया हैं। मिशन के माध्यम से लगभग 4500 किसानों को फसल विविधकरण, आय वृद्धि, जोखिम में कमी और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहायता मिली हैं, जो किसानों की दोगुनी करने, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। मिशन के तहत इन गतिविधियों से लगभग 50 करोड़ रुपए की राजस्वा प्राप्ति हुई हैं।
CSIR-IHBT के वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों ने अन्य CSIR प्रयोगशालाओं, राज्य सरकारों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर यह दिखाया हैं कि विज्ञान आधारित हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 CSIR अरोमा मिशन टीम की सामूहिक वैज्ञानिक उत्कृष्टता, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और क्षेत्रीय प्रभाव की राष्ट्रीय मान्यता हैं जिसमें CSIR-IHBT ने भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सुगंधित फसलों पर आधारित कृषि उद्यमों को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। CSIR-IHBT विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समावेशी विकास, सतत कृषि और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
