साेलन : राजकीय महाविद्यालय सोलन में हर्षोउल्लास से मनाया हिन्दी दिवस
फर्स्ट वर्डिक्ट। सोलन
"हिन्दी दिवस" के उपलक्ष पर आज राजकीय महाविद्यालय सोलन में भारं एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें प्रश्नोत्तरी, भाषण तथा स्वरचित कविताओं के काव्य-पाठ में छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय महाविद्यालय सोलन की प्राचार्य डॉ. रीता शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। राजकीय महाविद्यालय सोलन के हिन्दी विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई (एन. एस. एस / NSS) तथा रोटरी सोलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छात्र भारी संख्या में मौजूद रहे। छात्रों को अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. रीता शर्मा ने "हिन्दी दिवस" के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए शिक्षक, गैर-शिक्षक वर्ग और छात्रों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी भाषा, संस्कार और संस्कृति से जुड़े रहकर इस ही हम देश और समाज को विकास के पथ पर लेकर जा सकते हैं। भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के हमें लिए हिन्दी भाषा को अपनी जीवनशैली में पूर्ण रूप से उतारना होगा।
हिन्दी बृभाषा हमारी भारत की महान संस्कृति, स्वतंत्रता संघर्ष तथा 18 गर्व का समागम है। इस कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान 'नागार्जुन' टीम की मोनिका, साक्षी और शीतल ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान 'जय शंकर' प्रसाद' टीम की प्रीति, रेणु यादव और तमन्ना ने प्राप्त किया। काव्य-पाठ में बी.ए. (B.A. III) तृत्तीय वर्ष की छात्रा आंचल शर्मा ने प्रथम स्थान और रेणु यादव (बी.ए.-III) ने द्वित्तीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रिया धीमान (बी.ए.-I) तथा द्वितीय स्थान प्राप्त किया प्रीति ने भाषण प्रतियोगिता के विषय थे। हिन्दी भाषा के प्रसार में अनुवाद का योगदान, सोशल मीडिया पर हिन्दी भाषा का बढ़ता हुआ वर्चस्व तथा विश्व में हिन्दी भाषा की बढ़ती लोकप्रियता।
व्हि हिन्दी विभाग के प्रमुख डॉ. राजेन्द्र वर्मा ने अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता व आज़ादी के इस अमृत महोत्सव मनाते हुए हिन्दी बढ़त भाषा का स्वतंत्रता संग्राम में तथा उसके पश्चात स्वतंत्र भारत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है "हिन्दी दिवस' के कार्यक्रम में के J ' माध्यम से छात्रों को जागरूक करना तथा अपनी भाषा-संस्कृति से से जोड़ना था। इस कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के अतिरिक्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी थी, जिन्होंने वहाम को उपस्थित सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, गैर- शिक्षक वर्ग तथा छात्र-छात्राएं भारी संख्या में उपस्थित रहे।
