सिरमौर में लोग बोतल में गंदा पानी लेकर पहुंचे डीसी ऑफिस, ग्रामीणों ने कहा, ये पानी है 'जहर'
सिरमौर: एक तरफ जिला में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है, वहीं बरसात के इस मौसम में जनजनित रोगों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं, ऐसी स्थिति में गंदे पानी से बीमारियों का खतरा बना रहता है। नाहन विकास खंड की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में लोगों को नियमित पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है। बीच-बीच में नल में आने वाला पानी गंदा और मटमेला है। इससे पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। डाडूवाला गांव के ग्रामीण जल शक्ति विभाग के मटमैले पानी को एक बोतल में भर डीसी सिरमौर सुमित खिमटा के पास पहुंच गए और उन्हें इस संबंध में एक लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों ने डीसी को पानी दिखाते हुए कहा कि 'साहब आप खुद ही देख लें कि गांव में लोगों को किस तरह के पानी की सप्लाई हो रही है। इसके बाद ग्रामीणों ने मीडिया के समक्ष भी मटमैले पानी को रखते हुए समस्या के समाधान की गुहार लगाई।
शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि, 'पिछले 15 दिनों से पानी की सप्लाई गांव में नहीं हो रही है। सप्ताह में कभी-कभी पीने के पीनी की सप्लाई आती है। पीने के पानी की सप्लाई गांव में बनी योजना से होती है। इस योजना में प्राकृतिक स्त्रोत का पानी बहुत कम है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए जल शक्ति विभाग सीधे मारकंडा नदी से पानी उठाकर लोगों के घरों में पहुंचा रहा है। यह पानी मटमैला और दूषित होता है। इसके चलते लोगों में बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना है। ग्रामीणों ने कहा कि, 'पानी की सप्लाई न होने के कारण लोग दूर-दराज से पानी ढोने या फिर टैंकरों के माध्यम से पानी खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने के साथ-साथ नियमित रूप से पानी की सप्लाई हो सके। वहीं, इस मामले में जल शक्ति विभाग नाहन के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि डाडूवाला के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पेयजल समस्या को लेकर उनसे मिला था। जल शक्ति विभाग पानी को फिल्टर करने के बाद ही सप्लाई करता हैं कई बार बरसात के चलते ऐसी दिक्कत आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसडीओ को समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं, जो शुक्रवार को मौके का दौरा करेंगे।
