कुनिहार की कार पार्किंग बनी खतरे का केंद्र, दो पिलर हवा में लटके
मुख्य मार्ग कुनिहार पर स्थित कार पार्किंग इन दिनों आम जनता के लिए खतरे का कारण बनी हुई है। पार्किंग के दो पिलर हवा में लटके हुए हैं तथा उनमें गहरी दरारें साफ नजर आ रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद न तो संबंधित विभाग और न ही प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस पार्किंग में प्रतिदिन छोटे वाहनों की आवाजाही रहती है, उसकी वर्तमान हालत बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि कमजोर हो चुके पिलर किसी भी समय ढह सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके पार्किंग को न तो अस्थायी रूप से बंद किया गया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।
करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पार्किंग हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थी। बाद में इसका रखरखाव ग्राम पंचायत हाटकोट को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस पार्किंग का उद्घाटन 7 जुलाई 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा किया गया था। अब निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अनहोनी से पहले पार्किंग को तत्काल सील किया जाए और विशेषज्ञों से इसकी तकनीकी जांच करवाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई हादसा हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
वहीं ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान जगदीश अत्री ने बताया कि बरसात के दौरान पार्किंग के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस बारे में मौके पर पटवारी को बुलाकर स्थिति का निरीक्षण करवाया गया था तथा संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, वहीं स्थानीय लोग किसी बड़े हादसे से पहले ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
