नेता प्रतिपक्ष बताएं केंद्र ने हिमाचल को कब दिया आर्थिक पैकेज: नरेश चौहान
-प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास न करें पूर्व मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर जुबानी हमला बोल दिया। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जयराम ठाकुर से पूछा कि केंद्र सरकार ने आपदा के समय हिमाचल को कितना पैकेज दिया? इसकी डिटेल जनता के समक्ष रखें। नरेश चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में केंद्र सरकार ने कौन-कौन से पैसे दिए। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने आपदा के समय सिर्फ राजनीति की। अब अगले साल लोकसभा चुनाव है तो जयराम ठाकुर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ग्राउंड जीरो पर उतरकर काम किया। ऐसे में प्रभावित लोगों के बीच भी विश्वास पैदा होता है। मुख्यमंत्री प्रभावितों के बीच जाते हैं, तो लोगों की हिम्मत बढ़ती है। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने पूरा मोर्चा संभाला। आपदा में भी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गलत बयानबाजी करते रहे। बीजेपी नेताओं को साथ चलकर केंद्र सरकार से मदद मांगनी चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि बीजेपी की प्राथमिकता भले ही साल 2024 का लोकसभा चुनाव हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने 4500 करोड़ का राहत पैकेज जारी किया तो उससे भी भाजपा नेताओं को तकलीफ हो रही है। हमारी सरकार ने राहत मैनूअल में संशोधन किया, जिसका लाभ प्रभावितों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि जितने भी प्रभावित बेघर हो गए हैं, उन्हें आशियाना बनाकर दें। जिनके पशु मरे हैं उन्हें भी आर्थिक सहायता दी गई।
कल से आपदा राहत पैकेज होगा जारी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 अक्तूबर से हिमाचल के प्रभाविता क्षेत्रों का दौरा कर राहत पैकेज जारी करेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीएम सुक्खू 21 अक्तूबर को कुल्लू और 23 अक्तूबर को मंडी से राहत पैकेज जारी करेंगे। इसी तरह से आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा से 1 हजार 957 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि 9 हजार 344 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है। इसके अलावा 293 दुकानें और 4 हजार 72 पशु घर भी तबाह हो गए हैं। बरसात के दौरान 113 भूस्खलन और 58 फ्लैश फ्लड की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। प्रदेश में अब तक 330 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 38 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में लापता हैं। प्रदेश भर में घायलों का आंकड़ा भी 322 तक जा पहुंचा है।
