मंडी: धर्मपुर व सरकाघाट को जिला बनाने की मांग पर तेज हुई बहस
पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह द्वारा धर्मपुर को भविष्य में जिला बनाने की मांग उठाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बयान के बाद जहां धर्मपुर क्षेत्र के लोग इसे लंबे समय से चली आ रही जायज मांग बता रहे हैं, वहीं सरकाघाट क्षेत्र से भी जिला बनाए जाने की पुरजोर मांग उठने लगी है। धर्मपुर समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र भौगोलिक रूप से विस्तृत है और दूर-दराज के गांवों से जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका तर्क है कि धर्मपुर को जिला बनाए जाने से प्रशासनिक सेवाएं बेहतर होंगी, विकास कार्यों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
वहीं सरकाघाट समर्थकों का कहना है कि सरकाघाट पहले से ही एक प्रमुख प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र है, जहां सड़क, परिवहन और अन्य मूलभूत सुविधाएं अपेक्षाकृत बेहतर हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय के लिए सरकाघाट अधिक उपयुक्त स्थान है। दोनों ही क्षेत्रों के समर्थक सोशल मीडिया पर आंकड़ों, नक्शों और पुराने सरकारी प्रस्तावों के माध्यम से अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिला बनाने का मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और भावनात्मक भी है। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से चर्चा तेज हुई है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
