शीतावकाश के बाद खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, मन्दिर को फूलों से किया सुसज्जित व सैनिटाइज़
उत्तराखंड में स्थित चारधाम गंगोत्री-यमुनोत्री और केदारनाथ के बाद शुक्रवार को चारधाम का चौथा पड़ाव बद्रीनाथ धाम के कपाट एक लंबे शीतावकाश के खोल दिए गए। इससे पहले बद्रीनाथ मंदिर को फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया। महज पुजारियों व लोगों के उपस्थिति में विधि-विधान के साथ शुक्रवार को 4।30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया व इससे पूर्व मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया गया। कपाट खुलने से पूर्व गर्भ गृह से माता लक्ष्मी को लक्ष्मी मंदिर में स्थापित किया गया और कुबेर जी व उद्धव जी की चल विग्रह मूर्ति को गर्भ गृह में स्थापित किया गया।
जहाँ पहले बद्रीनाथ जी के सिंह द्वार पर संस्कृत विद्यालय के छात्रों का मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन, भारतीय सेना गढ़वाल स्कॉउट के बैंड बाजों की मधुर ध्वनि और भक्तों के जय बद्रीनाथ विशाल के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बन जाता था। वही, इस बार जयकारे व उद्धघोष पूरे बद्रीनाथ धाम से गायब रहे। बद्रीनाथ में आज होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम पाठ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की होगी। पाठ कर विश्व को कोरोना से मुक्ति की कामना की जाएगी।
