हिमाचल में 116 जगह लगेंगे AWS, भारी बारिश-बादल फटने से पहले मिलेगा अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मौसम निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के 116 संवेदनशील स्थानों पर स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 53 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है।
इन AWS के जरिए स्थानीय स्तर पर बारिश, तापमान और मौसम में होने वाले अचानक बदलावों का रियल टाइम डेटा जुटाने में मदद मिलेगी। इससे मौसम की स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते अलर्ट जारी करने तथा संवेदनशील इलाकों में जरूरी कदम उठाने में मदद मिल सकेगी।
जिलावार देखें तो शिमला में सबसे अधिक 24 AWS लगाए जाएंगे। इसके बाद सिरमौर में 18, चंबा और मंडी में 14-14, सोलन में 10, कांगड़ा में 9, किन्नौर में 7, बिलासपुर में 6, ऊना में 5, कुल्लू में 4, हमीरपुर में 3 और लाहौल-स्पीति में 2 स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मानसून के दौरान हिमाचल में कई इलाकों में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड का खतरा रहता है। ऐसे में इन स्टेशनों से मिलने वाला स्थानीय मौसम डेटा चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल हिमाचल में IMD के नेटवर्क के तहत 24 AWS और 66 Automatic Rain Gauge Stations भी संचालित हैं। नए 116 स्टेशन जुड़ने से प्रदेश में मौसम की स्थानीय निगरानी का दायरा और बढ़ेगा।
