बद्दी- नालागढ़ में नशे का कला कारोबार धवस्त !25 लाख नशीली गोलियां बरामद ,2 हज़ार किलो से ज़ादा पाउडर जब्त
सोलन: हिमाचल प्रदेश के फार्मा हब बद्दी-नालागढ़ में नशे के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई की है। NCB की चंडीगढ़ यूनिट ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 25 लाख नशीली/आदत लगाने वाली दवाओं की गोलियां और 2,000 किलोग्राम से अधिक टैपेंटाडोल बरामद किया है।
यह कार्रवाई सोमवार देर रात शुरू हुई और मंगलवार शाम तक जारी रही। NCB टीम ने नालागढ़ के जगातखाना गांव में किराये पर ली गई तीन दुकानों और बद्दी स्थित एक अनधिकृत गोदाम समेत कई स्थानों की तलाशी ली। कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के छह ड्रग इंस्पेक्टर और पंजाब पुलिस के एक विशेषज्ञ ने भी सहयोग किया।
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।
छापेमारी के बाद NCB ने फार्मा कंपनी के मालिक गौरव अग्रवाल को बद्दी स्थित उसके आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। एजेंसी अब दवाओं के निर्माण, भंडारण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
NCB को शक है कि वैध चिकित्सा इस्तेमाल के लिए बनाई जाने वाली दवाओं को कथित तौर पर अवैध बाजार में पहुंचाने वाला बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग डायवर्जन नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसी दवाओं की सप्लाई, खरीद-बिक्री, वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल को भी खंगाल रही है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में नशीली और नकली दवाओं को लेकर पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। हाल के दिनों में भी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां और दवाएं बरामद की गई हैं। इससे फार्मा हब में दवाओं के कथित अवैध डायवर्जन को लेकर सुरक्षा और नियामक एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल NCB की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां सप्लाई की जानी थीं और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
