वरिष्ठ खामोश और युवा नेताओं में जोश
कुछ माह पहले प्रदेश युवा कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। चुनाव में पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी समझे जाने वाले निगम भंडारी प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए और निगम भंडारी से हारने वाले युवा नेता थे यदुपति ठाकुर, जिन्हें वीरभद्र गुट का माना जाता है। तब संतुलन बनाये रखने के लिए कांग्रेस ने नया फॉर्मूला ईजाद किया था, चुनाव हारने के बाद भी यदुपति को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। अब फिर युवा कांग्रेस के ये दोनों नेता चर्चा में है, और कारण है मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए उनकी दावेदारी। दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय है और अपने -अपने नेता के लिए टिकट की मांग कर रहे है। टिकट आवंटन पर आखिरी फैसला तो पार्टी हाईकमान को ही लेना है पर इन दोनों युवा नेताओं की तरफ से प्रयास जारी है। फिलवक्त टिकट की ये यह जंग सोशल मीडिया पीछे चल रही है। निगम भंडारी इस मसले पर खुल कर कह भी चुके है की अगर हाईकमान चाहे तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार है, हालाँकि यदुपति ठाकुर ने चुनाव लड़ने को लेकर खुद कुछ नहीं कहा, पर उनके समर्थक लगातार उनके लिए टिकट मांग रहे है। दिलचस्प बात तो ये है की जहां युवा कांग्रेस के नेता चुनाव लड़ने के लिए इतने उत्सुक दिख रहे है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता टिकट की दावेदारी से भागते दिख रहे हैं। अब क्या कांग्रेस किसी वरिष्ठ नेता को मैदान में उतारती है, पिछले चुनाव लड़े आश्रय पर भरोसा जताती है या फिर इन दोनों युवाओं में से किसी एक को आगे लाती है, ये देखना दिलचस्प होगा।
रजत का दावा, क्या गंभीरता से लेगी भाजपा
भाजपा की ओर से मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी एक पीएटी अध्यापक ने जताई है। प्राथमिक अध्यापक रजत शर्मा एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ता रह चुके है। इसी हैसियत से रजत शर्मा ने भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई है। रजत ने बीते दिन शिमला में पत्रकार वार्ता कर अपना दावा रखा। हालांकि भाजपा से कई दमदार चेहरे टिकट के प्रत्याशी माने जा रहे है। ऐसे में रजत के दावे को पार्टी कितना गंभीरता से लेगी, ये देखना रोचक होगा।
