टिकट की जंग में नीलम ने खाेला परिवारवाद और व्यक्तिवाद के खिलाफ मोर्चा
जुब्बल-काेटखाई विधानसभा सीट पर हाेने वाले उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट की जंग छिड़ चुकी है। पूर्व विधायक स्व. नरेंद्र बरागटा के बेटे एवं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख चेतन बरागटा काे चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन टिकट के लिए उनकी राह आसान नहीं हैं। इस क्षेत्र से तीन बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी भाजपा नेता नीलम सरैक ने भी टिकट का दावा किया है। फर्स्ट वर्डिक्ट के साथ विशेष बातचीत में उन्हाेंने टिकट की आड़ में परिवारवाद और व्यक्तिवाद के खिलाफ माेर्चा खाेल दिया। उन्हाेंने दाे टूक शब्दाें में कह दिया कि मैं बरागटा परिवार नहीं, बल्कि कमल के फूल यानी भाजपा के साथ हूं। मैं 1997 से संगठन के लिए काम कर रही हूं। साथ ही उन्होंने एक महिला होने के नाते भी टिकट के लिए दावेदारी जताई है। नीलम सरैक ने कहा कि संगठन की परंपरा रही है कि परिवारवाद और व्यक्तिवाद काे बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान की ओर से जब तक किसी के नाम पर मुहर नहीं लगती तब तक हम भी प्रत्याशी हैं। नीलम से कहा कि वे निजी तौर पर स्व. बरागटा के बेटे के खिलाफ नहीं है, लेकिन परिवारवाद के खिलाफ है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उपचुनाव में उन्हें टिकट मिलेगा।
टिकट नहीं मिला ताे उस वक्त सोचूंगी: सरैक
नीलम सरैक ने कहा कि उपचुनाव में उन्हें यदि टिकट नहीं मिला ताे उस वक्त सोचूंगी कि अगला कदम कैसे उठाना है। हालांकि अभी उन्हें पार्टी हाईकमान से इशारे का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज काे जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया है। जाहिर है टिकट आवंटन में उनकी राय भी अहम रहेगी। बहरहाल इतना तय है कि चेतन बरागटा की राह आसान नहीं होने वाली। वहीँ नीलम सरैक का दावा कितना मजबूत है ये भी आने वाले वक्त में ही पता चलेगा।
