लखनऊ : आतंकियों का क्रैश कोर्स डिकोड, आतंक के पाँच पाठ पढ़ाए गए
लखनऊ के काकोरी से पकड़े गए दोनों संदिग्ध आतंकी अभी ATS की कस्टडी रिमांड में हैं। दोनों आतंकियों ने कई राज उगले हैं। आतंक का वो क्रैश कोर्स डिकोड हो गया है। जिसका इस्तेमाल आतंक के आका युवाओं को बरगलाकर आतंक की दुनिया में धकेलने के लिए करते हैं।
पहले चरण में पर्सनल चैटिंग की जाती है। सोशल मीडिया पर चैट के आधार पर हैंडलर सवाल जवाब से टोह लेता है। उसके बाद माइक्रो कम्युनिटी जहां पहचान के बाद गिरोह को जानकारी दी जाती है। भाई जान बताकर जेहाद की ललकार की जाती है। फिर फिजिकल कॉन्टैक्ट की बारी आती है जहां संतुष्ट होने के बाद मिलने के लिए बुलावा दिया जाता है। इसके बाद सबको अलग-अलग टास्क दिया जाता है। टास्क में पास होने के बाद हैंडलर की मीटिंग होती है, फिर ऑपरेशन को अंजाम देने का वक़्त आता है।
