मानसून सत्र में जमकर बरसेंगे सवाल-जवाब, हंगामा भी तय
विधानसभा के मॉनसून सत्र में इस बार सदन के भीतर जमकर सवाल-जवाब बरसेंगे और सत्र हंगामेदार भी रहेगा। सरकार के साढ़े तीन साल का कार्यकाल हो चुका है और विपक्ष के सामने भी कई तरह की चुनौतियां हैं। लिहाजा राजनीतिक रूप से अब विपक्ष के विधायक मोर्चा संभालने के लिए मजबूर हैं, जिस पर हंगामा होना तो तय है। इस बार विपक्ष की ओर से कोविड पर निशाना साधा गया है। स्वास्थ्य विभाग से ही विधायकों ने करीब 80 से ज्यादा सवाल पूछ लिए हैं। कोविड पर शुरुआत से लेकर अब तक के हालातों पर विधानसभा में चर्चा होगी, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां कर दी है। स्वास्थ्य विभाग को यहां सदन के भीतर जवाब देना है। कोविड की स्थिति के साथ सरकार द्वारा उठाए गए कदम और अगली तैयारियों पर चर्चा की जाएगी, वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचे पर सवाल किए जाएंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विपक्ष के सदस्यों ने पीएम केयर फंड से हिमाचल में खरीदे गए वेंटिलेटर, प्रदेश में बेरोजगारों का पंजीकरण, एनपीएस मुद्दा, बरसात में हुए नुकसान समेत कई सवाल विधानसभा सचिवालय काे दिए हैं। इसके अलावा पूर्व के सत्रों के छूट गए कुछ महत्वपूर्ण सवाल जिन पर सरकार को जानकारी देनी है, उनको भी इस सत्र में लाया जा रहा है। कुल मिलाकर विधानसभा का यह मानसून सत्र हंगामेदार होगा। मानसून सत्र दाे से 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश सरकार कुछ अहम विधेयक को पारित कर सकती है।
विपक्ष को जवाब देने के लिए सरकार भी तैयार
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सरकार भी तैयार है। खासकर कोविड में सरकार के महत्त्वपूर्ण कार्यों की जानकारी देकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने मंत्रियों के साथ विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देंगे। यही नहीं बल्कि भाजपा विधायक दल की बैठक में भी पूरी रणनीति तैयार की गई। वहीं दूसरी तरफ सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक भी हुई। मगर देखना यह है कि सदन में विपक्ष किस तरह की भूमिका निभाता है।
बयान
विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही शांतिपूर्वक चले, इसके लिए दोनों दलों से सहयोग मांगा है। इस बार 10 दिनों का सत्र है और सैकड़ों तारांकित एवं अतारांकित सवाल भी पूछे जाएंगे, दाे दिन प्राइवेट मेंबर-डे रहेगा। जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मसलाें पर चर्चाएं भी हाेंगी।
-विपिन सिंह परमार, विधानसभा अध्यक्ष।
जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, सरकार की असफलताओं काे उजागर करना विपक्ष का अधिकार है। हेल्थ सेक्टर में अनियमितता, ठप विकास कार्य सहित कई एजेंडे हैं, जिसका जवाब हम सरकार से मांगेंगे।
-मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष।
