दिल्ली के जंतर मंतर में आज फिर जमा हुए किसान
किसानों ने बेरोजगारी के खिलाफ सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर महापंचायत बुलाई गई थी। पुलिस द्वारा किए गए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच विभिन्न राज्यों के सैकड़ों किसान जंतर-मंतर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ किसानों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। यूपी और हरियाणा से लगती सीमाओं पर भी किसानों को रोका गया। गौरतलब है कि देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भारतीय किसान संघ (बीकेयू) सहित कुछ किसान संगठनों ने महापंचायत का आह्वान किया था बड़ी संख्या में किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पलटते हुए जंतर-मंतर पर पहुंचे थे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सहित सभी सीमाओं पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया था। गाजीपुर सीमा पर कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया और बसों में ले जाया गया। वहीं रेलवे ट्रैक, बस स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों पर भी पुलिस बलों की भारी तैनाती देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में ट्रैफिक भी जाम हो गया क्योंकि पुलिस ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की जांच की। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में धारा 144 लगाई गई थी।
किसान पंचायत की प्रमुख मांगें हैं
1) लखीमपुर खीरी नरसंहार के पीड़ित किसान परिवारों को इंसाफ, जेलों में बंद किसानों की रिहाई व नरसंहार के मुख्य दोषी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी की जाए।
2) स्वामीनाथन आयोग के सी2+50% फॉर्मूले के अनुसार एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाए ।
3) देश के सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए ।
4) बिजली बिल 2022 रद्द किया जाए ।
5) गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए और गन्ने की बकाया राशि का भुगतान तुरन्त किया जाए ।
6). सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द किया जाए।
7) किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
8) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के बकाया मुआवज़े का भुगतान तुरन्त किया जाए।
9) अग्निपथ योजना वापस ली जाए।
