बायकॉट करने से नहीं होती फिल्मे फ्लॉप- अनुपम खेर
बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों शिमला में हैं। शिमला से संबंध रखने वाले अनुपम बताते हैं कि छोटे से शहर शिमला से शुरू हुए उनके सफर में आज वें 530 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं। शिमला में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि शिमला से उनकी बहुत पुरानी यादें जुड़ी हुई है। उनका बचपन शिमला में ही बीता। यहां से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। अनुपम खेर ने बताया कि आदमी के हौसले बुलंद हो इरादे मजबूत हो तो कुछ भी हो सकता है। वहीं, अनुपम खेर ने आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्डा के बायकॉट पर कहा कि पहले भी फिल्में बॉयकॉट होती रही हैं, बावजूद इसके फिल्में हिट हुई है। उन्होंने कहा कि फिल्म का बायकॉट करने का अधिकार लोगों के पास है, इसको 'फ्रीडम आफ एक्सप्रेशन' कहते हैं। लोगों को फिल्म अच्छी लगती है या बुरी, यह लोग खुद डिसाइड करते हैं। ऐसे में बॉयकॉट का जो ट्रेंड चला हुआ है, वह एक तरह से सही है। कश्मीर फाइल्स का भी कुछ लोगों ने बायकॉट करने की कोशिश की थी, लेकिन सभी ने देखा कि यह फिल्म सबसे ज्यादा चली। लोगों ने इसे बहुत पसंद किया है। अपने विचार रखने की सभी को आजादी है। फ़िल्म देखना या न देखना दर्शकों की इच्छा है। वहीं वर्ष 2015 में आमिर खान द्वारा दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि आमिर खान एक इच्छे इंसान हैं, लेकिन ऐसे बयान किसी भी व्यक्ति को सोच समझ कर देने चाहिए , क्योंकि उनसे पूरा देश जुड़ा होता है। गौरतलब है कि आमिर खान ने साल 2015 में अपनी पत्नी के संदर्भ में बयान दिया था। उन्होंने देश के तत्कालीन हालातों का जिक्र करके कहा था कि मेरी पत्नी को भारत में रहने से डर लगता है, जिसके बाद उनके द्वारा दिए गए उपरोक्त बयान पर खूब विवाद हुआ था। बॉलीवुड में अवार्ड वापसी को लेकर चली एक मुहिम के संबंध में पूछे गए सवाल में अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि पिछले 7 साल में यह अवार्ड वापसी गैंग फ्लॉप हो गए हैं। देशवासियों को ऐसे लोगों से कोई लेना देना नहीं हैं। कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद काफी सुधार आया है।
