प्रदेश सरकार ने बढ़ाई मेलों की अनुदान राशि, राष्ट्रीय स्तर के मेलों को दिए जाएंगे 3 लाख
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। सरकार ने अब प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में इजाफा कर दिया है। राज्य सरकार ने जिला स्तर के मेलों को अब 50 हजार रूपये अनुदान राशि देने का निर्णय लिया है, पहले सरकार द्वारा जिला स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों को 30 हजार रूपये अनुदान राशि दी जाती थी, इसके साथ ही राज्य स्तरीय मेले की अनुदान राशि में भी इजाफा किया गया है, अब राज्य स्तरीय मेलों को सरकार द्वारा 1.5 लाख रूपये दिए जाएंगे। बता दें की पहले सरकार द्वारा पहले इन मेलों के लिए 1 लाख रूपये दिए जाते थे, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है।
ये मेले होते है आयोजित
हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि से अब मेला कमेटी को मेले आयोजन करने में आसानी होगी। सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में तो बढ़ोतरी कर दी है लेकिन, कोरोना के चलते करीब दो वर्षों से प्रदेश में किसी भी मेला का बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया गया है, लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि की सहायता मेला कमेटी को होगी।
