प्रदेश में बर्फबारी के बाद बढ़ा हिमस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को अटल टनल रोहतांग, लाहौल - स्पीति और पांगी में ताजा बर्फबारी हुई है I नारकंडा और कुफरी में बर्फ के फाहे गिरे है। राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश में बुधवार को 145 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। लाहौल-स्पीति में ही 139 सड़कें बंद हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने वीरवार और शुक्रवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश व बर्फ़बारी का पूर्वानुमान जताया है। 14 जनवरी से मौसम साफ रहने के आसार हैं। केलांग में न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। मनाली-केलांग मार्ग पर वाहन आवाजाही पर रोक लगा दी है। केलांग में न्यूनतम तापमान के साथ अधिकतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। बुधवार सुबह मनाली के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि मनाली सहित निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। लोगों को अटल टनल, हामटा और जलोड़ी दर्रा की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। बुधवार को केलांग में अधिकतम तापमान -1.7, सोलन में 5.8 , कुकुमसेरी में 0.9, कल्पा में 4.1,मनाली में 8.2, बिलासपुर में 7.0 , डलहौजी में 9.8, ऊना में 12.6, शिमला में 12.9 और धर्मशाला में 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
वहीं कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला में बर्फबारी से हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मनाली स्थित रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने अलर्ट जारी किया है। डीजीआरई ने हिमाचल से लेकर कुपवाड़ा व कारगिल के हिमालय इलाकों के सात जगहों पर हिमखंड गिरने की आशंका जताई है। अगले 24 घंटों में चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल और स्पीति, गांदरबल, कुपवाड़ा, कारगिल में 2500 मीटर से ऊपर हिमस्खलन की आशंका है। सहायक उपायुक्त कुल्लू शशिपाल नेगी ने कहा कि डीजीआरई मनाली ने पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।
