'बेटी है अनमोल योजना ' संवार रही बेटियों का भविष्य
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बेटियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने में किसी भी बाधा का सामना ना करना पड़े, इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा बेटी है अनमोल योजना का शुभारंभ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को देखते हुए आरंभ की गई है। "हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना 2022" के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश की बेटियों को उनकी पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत बेटी का जन्म होने पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ₹10000 की छात्रवृत्ति पोस्ट ऑफिस या फिर बेटी के बैंक खाते में जमा की जाती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की बेटियों को पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक ₹300 से लेकर ₹12000 तक की आर्थिक सहायता किताबें तथा यूनिफॉर्म खरीदने के लिए प्रदान की जाती है। यदि बेटी बारहवीं कक्षा के बाद स्नातक के पाठ्यक्रम में अपनी पढ़ाई जारी रखती है तो उसे ₹5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
एक परिवार की केवल 2 बेटियां ही उठा सकती है लाभ
इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्रत्येक बालिका की दर से ₹12000 प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ एक परिवार की केवल 2 बेटियां ही उठा सकती हैं। इस योजना का आरंभ लिंगानुपात में सुधार करने के लिए एवं लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता प्रदान करने के लिए किया गया है। इस योजना के अंतर्गत बालिका को प्रदान की गई धनराशि बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने के पश्चात बैंक खाते से निकाल सकती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत आप ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का फायदा लेने के लिए आवेदक को गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए। साथ ही आवेदक को हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश बेटी है अनमोल योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की कॉपी, बीपीएल राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, स्कूल के प्रधानाचार्य के द्वारा प्रदान किया हुआ लेटर दस्तावेज के रूप में दिया जा सकता है। योजना के तहत सरकार द्वारा 32.81 करोड़ रुपए अब तक खर्च किए गए हैं। इससे 98193 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है।
