शक्ति मिल गैंगरेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा सेशन कोर्ट का फैसला
शक्ति मिल गैंगरेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट का वीरवार को अंतिम फैसला आ गया है। जस्टिस पृथ्वीराज चौहान ने तीनों आरोपियों को दी गई फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। इससे पहले सेशन कोर्ट ने तीनों दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी और एक को उम्र कैद दी गई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, 'मृत्युदंड अभियुक्त की पश्चाताप की अवधारणा को समाप्त कर देता है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए । वे जीवन भर पश्चाताप के पात्र हैं। उनके मामले में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है और वे समाज में दोबारा शामिल होने के लायक नहीं हैं। शक्ति मिल में रेप के दो मामले थे। एक फोटोग्राफर जॉर्नलिस्ट केस और एक फोन ऑपरेटर केस। इन दोनों ही वारदातों का मुकदमा एक साथ चला था।
