पूर्ण राज्यत्व दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात
हिमाचल प्रदेश के 51वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के उप्लक्ष पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सोलन के ठोडो मैदान में आयोजित पूर्ण राज्यत्व दिवस के राज्यस्तरीय समारोह में बतौर कार्यक्रम में मुख्यातिथि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संशोधित वेतनमान के लिए कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए हैं, अब इसके अलावा उन्हें एक अन्य विकल्प दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि कोई कर्मचारी वर्ग इससे वंचित रहता है तो पुनर्विचार करके समाधान किया जाएगा। वंही हिमाचल के पेंशनरों को पंजाब के वेतन आयोग के आधार पर पेंशन लाभ दिए जाएंगे। इससे लाखों पेंशनरों को लाभ मिलेगा।
इस दौरान सीएम जयराम ने घोषणा की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 31 फीसदी डीए दिया जाएगा। वंही 2015 के बाद नियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को अन्य श्रेणियों की तरह समान वेतनमान दिया जाएगा। इसके लिए विस्तृत निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। इस उप्लक्ष पर सीएम जयराम ने हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश को पूर्व राज्य का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीएम ने कहा कि हिमाचल की जनता के सहयोग से कोविड के कठिन दौर को पार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कोविड काल में 108 स्वास्थ्य संस्थान खोले और स्तरोन्नत किए गए। प्रदेश की भाजपा सरकार ने चार साल के कार्यकाल में 4525 सड़कें पक्की कीं, जोकि अब तक किसी सरकार में नहीं हुआ। चार वर्षों में 412 नए पंचायतें बनाई गईं। जब हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा मिला तो सिर्फ 34 उपमंडल थे, लेकिन आज इनकी संख्या 78 है। तहसील और सब तहसील की संख्या 182 हो चुकी है। आज हिमाचल साक्षरता दर में केरल के बाद दूसरे स्थान आता है। 1971 में प्रति व्यक्ति आय 651 रुपये थी, जो आज 183286 रुपये हो गई है।
जीडीपी 223 करोड़ थी, जो आज 156533 करोड़ है। स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या आज 4320 है। विद्युत की आपूर्ति आज शतप्रतिशत गांवों में है। 1971 में 10617 किलोमीटर तक सड़कें थीं, जो आज 38 हजार किलोमीटर हो गई हैं। वहीं अब प्रदेश में 2192 पुलों का जाल बिछा है। 1971 में 4693 शिक्षण संस्थान थे और आज इनकी संख्या 16067 पहुंच गई है। प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत 2 लाख 17 हजार लोगों का मुफ्त इलाज किया और 200 करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए। अटल टनल के साउथ व नार्थ पोर्टल पर पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
