चीन बार्डर जाएंगे सीएम और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, हिमाचल के हक की बात रखेंगे सीएम
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह आज किन्नौर के दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता चीन सीमा से सटे वाइब्रेंट विलेज छितकुल में विभिन्न निर्माण गतिविधियों का जायजा लेंगे। विदित रहे कि मोदी सरकार ने छितकुल गांव को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत टूरिज्म और इन्फ्रॉस्ट्रक्चर बनाने के लिए चिन्हित कर रखा है और इसके तहत छितकुल में भी विभिन्न गतिविधियां चल रही है।
केंद्र के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का मकसद भारत-चीन सीमा पर बसे गांवों का समग्र विकास करना है। इसके लिए 4,800 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है। साथ ही इन क्षेत्रों में सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 2,500 करोड़ का अलग बजट हैं।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ सीएम सुक्खू की मुलाकात कई मायनो में अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच आज वाटर सैस के मसले पर भी चर्चा संभावित है। दरअसल केंद्र ने हिमाचल के वाटर सैस को असंवैधानिक करार दिया है। हालांकि हिमाचल से पहले भाजपा शासित उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर भी वाटर सैस वसूल रहे है। इसके अलावा प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा पावर प्रोजेक्टों में मिलने वाली 12 फीसदी रायल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की भी मनाग कर रही है।
संभावित है मुख्यमंत्री इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से साल 2024 में खत्म हो रही शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज पर भी चर्चा करेंगे। हिमाचल सरकार लीज खत्म होने के बाद शानन प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेना चाहती है।
हिमाचल के इन 4 मुद्दों पर चर्चा संभव :
- वाटर सैस के मसले पर भी चर्चा संभावित
- पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने पर हो सकती है चर्चा
- पावर प्रोजेक्टों में रायल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की मांग
- शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज पर भी चर्चा संभव
