प्रदेश में सूखे ने फसलों को पहुंचाया दो सौ करोड़ का नुक्सान
कृषि विभाग ने प्रस्तुत की रिपोर्ट
फस्र्ट वर्डिक्ट । शिमला
आज के समय में किसानी एक चुनौती सी बनती जा रही है। किसानों की फसल के कई दुश्मन बने हुए हैं। आवारा पशुओं और बंदरों ने तो नाक में दम कर रखा है। इसके अतिरिक्त हिमाचल की ज्यादातर कृषि पर निर्भर है। कहीं-कहीं सिंचाई के साधन तो उपलब्ध हैं मगर हर जगह ऐसा नहीं है। यही कारण है कि बरसात हो जाए तो फसल अच्छी होती है और न हो तो किसानों को भारी नुक्सान होता है। इस बार भी किसानों को सूखे की मार झेलनी पड़ी है। बताया जा रहा है कि इस बार सूखे से किसानों को 200 करोड़ रुपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग ने फील्ड से आई नुक्सान की रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। जिला हमीरपुर, शिमला और सिरमौर के किसानों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। दूसरी ओर प्रदेश में सूखे और ओलावृष्टि से बागवानी फसलों खासकर सेब को हुई 34 करोड़ की क्षति हुई है। सरकार को भेजी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4,13,057.60 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसमें 86,556.60 भूमि में कृषि फसलों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा 53,107.56 हेक्टेयर भूमि में 33 फीसदी से कम और 33,449.04 हेक्टेयर भूमि में 33 फीसदी से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। कृषि फसलों को कुल 207.14 करोड़ का नुकसान हुआ है। राज्य कृषि निदेशक नरेश कुमार ने कहा कि फसलों की 207 करोड़ के कृषि फसलों के नुकसान की रिपोर्ट फील्ड से मिल चुकी है। इसे सरकार को भेजा गया है।
