प्रदेश के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, घट गया अनुबंधकाल, जेसीसी की बैठक में सीएम ने की ये मुख्य घोषणाएं
हिमाचल प्रदेश का कर्मचारी वर्ग लम्बे समय से जेसीसी की बैठक का इंतज़ार कर रहा था। इसी के चलते शनिवार यानि आज हिमाचल प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों के लंबित मसले सुलझाने के लिए पीटरहॉफ शिमला में संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बता दें कि करीब 6 साल बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह जेसीसी बैठक आयोजित हुई है। बैठक में मुख्य सचिव, सभी सचिव और विभागाध्यक्ष सहित हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश ने कर्मचारियों के सहयोग से विकास के आयाम छूए हैं। हिमाचल में कर्मचारियों की संख्या अन्य राज्यों से ज्यादा है। कोरोना से प्रदेश की आर्थिकी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड से निपटना प्राथमिकता है। जमीनी स्तर पर योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणा करते हुए कहा कि 1 जनवरी से 2016 से प्रदेश के कर्मचारियों को नए वेतनमान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए करीब 50 फीसदी बजट खर्च होगा, अभी तक 42 प्रतिशत बजट खर्च होता है।
साथ ही समन जयराम ने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों को अन्य पेंशन लाभ में निवेश की छूट दी है।
विभाग में 27 हजार पदों को भरने की अनुमति दी है। बैठक में कर्मचारियों का अनुबंध कार्यकाल घटाकर दो साल कर दिया गया है। अनुबंध कर्मचारी लंबे समय से यह मांग सरकार से उठा रहे हैं। साथ ही सीएम जयराम ने 15-5-2003 फेमिली पेंशन का भी एलान किया है। साथ ही सीएम जयराम ने दैनिक वेतन भोगी को रेगुलर करने के लिए एक साल कम किया है। सुप्रीटेंडेंट ग्रेड वन के लिए विचार करने कि भी सीएम जयराम ने जेसीसी की बैठक में घोषणा की। साथ ही उन्होंने पेंशनरों को भी देय लाभ देने की घोषणा की। इसी के साथ सीएम जयराम ने कहा कि कर्मचारियों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जायगा। करुणामूलक आधार पर नौकरी के मसलों को सुलझाने के लिए पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। उसकी रिपोर्ट अगली कैबिनेट में तैयार की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि स्टेनो टाइपिस्ट को 10 से सात साल में रेगुलर करने को आरएंडपी रूल में संशोधन किया जायगा। साथ ही सीएम ने कहा कि जनजातीय कर्मचारियों को लाभ देने पर विचार किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में दिहाड़ीदारों को जनजातीय भत्ते देने पर भी विचार किया जाएगा।
