हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ ने वेतन विसंगति को दूर करने के लिए सरकार को दिया हफ्ते का अल्टीमेटम
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ की बैठक नए वेतन आयोग को लेकर आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश राणा ने की। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ वेतन आयोग की सिफारिशों से खासा नाखुश उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमें वादा किया था कि हमारे नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को पंजाब की तर्ज पर कम नहीं किया जाएगा। लेकिन उसे अब उसी तर्ज पर 25% से कम कर कर 20% कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के चिकित्सकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि बरसों तक हमारे चिकित्सकों की कोई तरक्की समय अनुसार नहीं हो रही है। बहुत से ब्लॉक में बीएमओ के पद खाली पड़े हुए हैं, बरसों से चिकित्सक अपनी तरक्की की राह देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने महामारी के समय चिकित्सकों को इंसेंटिव भत्ता देने की बात भी कही थी लेकिन आज तक किसी भी तरह का कोविड भत्ता मेडिकल ऑफिसर्स को नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगो को नहीं माना गया तो मज़बूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ चांदनी राठौर, कांगड़ा के महासचिव डॉ सनी धीमान, मंडी के महासचिव डॉ विकास ठाकुर, प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ निशांत ठाकुर, मंडी महासचिव डॉ विजय राय, आरडीए नेरचौक प्रधान डॉ विशाल जमवाल, आरडीए महासचिव टांडा डॉ मनोज ठाकुर, डॉक्टर जयंत ठाकुर हमीरपुर सचिव, डॉ मोहित डोगरा शिमला, डॉक्टर घनश्याम वर्मा प्रदेश कोषाध्यक्ष, डॉ प्रवीण चौहान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
