सोने की तलाश में मेलबर्न के शख्स को मिला अरबों साल पुराना एक उल्कापिंड
कभी-कभी लाइफ में ऐसा होता है कि हम जो चाह रहे होते हैं, उससे कई गुना ज्यादा हमें मिल जाता है। ऐसा ही एक मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सामने आया है। यहां सोने को ढूंढने निकले एक शख्स के हाथ में ऐसा पत्थर लगा, जिसकी कीमत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। उस शख्स ने कई साल तक उस पत्थर को सोना समझकर संभालकर रखा। एक दिन जब उसे उसमें सोने जैसा कुछ नहीं दिखा, तो वह उसे लेकर म्यूजियम पहुंचा। वहां जब उसे बताया गया कि यह साधारण पत्थर नहीं, बल्कि अरबों साल पुराना एक उल्कापिंड है तो उसके होश उड़ गए। मेलबर्न में रहने वाले डेविड होल 2015 में मेलबर्न के पास स्थित मैरीबोरो रीजनल पार्क पहुंचे थे। यहां उन्हें लाल और पीले रंग का एक बारी पत्थर मिला। उन्होंने इसे सोना समझकर उठा लिया। दरअसल इसे सोना समझने के पीछे की वजह यह थी कि यह जगह 19वीं शताब्दी में सोने के लिए काफी मशहूर थी। यहां भारी मात्रा में सोना मिलता था। यही सोचकर डेविड उस पत्थर को सोना समझकर अपने घर ले आए।
घर लाने के बाद डेविड ने उस पत्थर को तोड़कर सोना निकालने की कोशिश की, लेकिन पत्थर टूटा नहीं। इसके बाद उन्होंने उस पत्थर को घर में संभालकर रख दिया। 6 साल बाद 2021 में उनके दिमाग में आया कि इस पत्थर में न तो सोना है और न ये आम पत्थर लगता है। तोड़ने पर टूटता भी नहीं है, क्यों न इस अनोखे पत्थर को लेकर मेलबर्न म्यूजियम पहुंचा जाए। इसके बाद वह पत्थर लेकर म्यूजियम पहुंच गए। वहां जब उन्होंने वह पत्थर अधिकारियों को दिखाया तो उन लोगों का जवाब सुनकर डेविड के होश उड़ गए। उन्हें बताया गया कि यह पत्थर नहीं, बल्कि अरबों साल पुराना एक उल्कापिंड है। पत्थर देखने के बाद म्यूजियम में तैनात भूविज्ञानी डेरमोट हेनरी ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को जानकारी दी कि मैंने अपनी जिंदगी में केवल 2 ही उल्कापिंड देखे हैं। ये उन्हीं में से एक है। हेनरी ने डेविड को मिले उल्कापिंड के बारे में अनुमान लगाते हुए बताया कि यह मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद ऐस्टरॉइड बेल्ट से आया हो सकता है। यह उल्कापिंड 4.6 अरब साल पुराना हो सकता है। यह 100 से 1000 साल पहले धरती पर गिरा होगा।
