कुनिहार : प्राचीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में आयोजित शिव महापुराण का छटा दिन
प्राचीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर आयेजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन कथावाचक नागेश कपिल ने अपनी मधुर वाणी से प्रवचन रूपी अमृत ज्ञान गंगा को प्रवाहित करते हुए सृष्टि की उत्पत्ति पर प्रकाश डाला , जिसमे मानव, देवता और दैत्य की उत्पत्ति पर विस्तार से विवरण किया गया। आचार्य द्वारा सनातन धर्म की श्रेष्ठता, महता,और आत्मीयता पर भी विस्तार से गुणगान किया गया। उन्होंने कहा कि राजा दक्ष की पुत्री सती द्वारा भगवान शंकर की आराधना करना व उनके श्री चरणों की पूजा करना तथा स्त्री धर्म का व्याख्यान भी किया गया। माता सती ने किस तरह शंकर भगवान को पाने के लिए पांच सांसारिक सुखों का जिसमें ,नींद, दूसरों पर हंसना,फिजूल का लोगों से मिलाप छोड़ दिया था। कथा वाचक ने श्रोताओं से आह्वाहन किया कि समस्त सुखों को पाने के लिए हमेशा भगवान शंकर के सामने प्रभु श्री राम का नाम जपना चाहिए जो शंकर महादेव को अति प्रिय है।इस अवसर पर प्राचीन शिव तांडव गुफा के अध्यक्ष रामरतन तनवर, सचिव जोगिंदर कंवर, गुमान, रितु,और समस्त सदस्य गण उपस्थित रहे।
