कुष्ठ रोगियों में सकारात्मकता जगा रही है कुष्ठ रोगी पुनर्वास योजना
कुष्ठ रोग को ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग पूर्व के कर्म और अभिशाप मानते हैं। लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग बीमारी को लेकर लोगों में अंधविश्वास है। कुष्ठ रोगियों को सम्मान मिले और सामाजिक सुरक्षा प्रदान हो इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता आज कुष्ठ रोगियों में सकारात्मकता जगा रही है। ऐसे कुष्ठ रोगी जो किसी सरकारी, अर्ध सरकारी, निगमों, बोर्डों इत्यादि में कार्यरत न हो तथा स्वास्थ्य विभाग के उपचाराधीन हो, उन व्यक्तियों को कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता प्रदान किया जाता है। कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता का लाभ उठाने के लिए आयु तथा आय सीमा लागू नहीं है। इस योजना के तहत 850 रुपए प्रतिमाह (कोई आय सीमा नहीं) और 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के कुष्ठ रोगियों को 1500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किया जाता है। कुष्ठ रोगी को भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होता है जिसके साथ स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ रोग उपचाराधीन प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।
