मनाली में अब फास्टैग से वसूला जाएगा ग्रीन टैक्स, पर्यटकों को मिलेगी सुविधा
देश विदेश से पर्यटन नगरी मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों को अब ग्रीन टैक्स बैरियर पर कई घंटों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मनाली पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने फास्टैग से ग्रीन टैक्स भुगताने की सुविधा शुरू कर दी है। इससे इस बैरियर पर लंबे जाम से राहत मिलेगी और वाहन चालकों और पर्यटकों का समय भी बचेगा। खास बात यह है की फास्टैग का उपयोग करके ग्रीन टैक्स का भुगतान सुविधा शुरू करने वाला मनाली देश का पहला शहर है। देश में अब तक फास्टैग बैलेंस का इस्तेमाल टोल, ईंधन और पार्किंग शुल्क के भुगतान के लिए किया जाता रहा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को पर्यटन विकास परिषद मनाली ने अधिग्रहणकर्ता बैंक के रूप में चुना है।बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हर महीने 50 लाख पर्यटक देश विदेश से घूमने के लिए आते है, यह सुविधा मिलने के बाद अब पर्यटकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जाम से मिलेगी राहत --
ग्रीन टैक्स बैरियर पर फास्टैग से ग्रीन टैक्स का भुगतान होने से अब लोगों को जाम से निजात मिलेगी। बता दें की अभी तक मनाली आने वाले अन्य राज्यों में रजिसट्रर्ड वाहनों से ग्रीन टैक्स लिया जाता है। पर्ची सिस्टम होने से पहले इसमें काफी समय लगता था। इससे इस ग्रीन टैक्स बैरियर पर जाम लग जाता था। दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल पर 100 रुपये, कार पर 200, स्कॉर्पियो पर 300 और बसों पर 500 रुपये ग्रीन टैक्स लगता है।
60 लाख फास्टैग जारी --
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 400 से अधिक टोल प्लाजा को सेवा देने वाला सबसे बड़ा अधिग्रहणकर्ता है और उसने करीब 60 लाख फास्टैग जारी किए हैं। इनकी मदद से प्रतिदिन औसतन लगभग 20 लाख का लेन-देन किया जाता है। फास्टैग प्रोग्राम को संयुक्त रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्लाजा पर टोल किराया स्वीकार करने के माध्यम के रूप में लॉन्च किया गया था।
