मिल्खा सिंह ने अपनी बायोपिक के लिए लिया था सिर्फ एक रुपया, जानिए इसके पीछे क्या थी वजह
फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर धावक मिल्खा सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। पूरा देश उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनके साथ अपनी यादें और फोटो साझा कर रहे हैं। तो वहीं कुछ लोग उनसे जुड़ा कोई यादगार लम्हा बता रहे हैं। मिल्खा सिंह हमेशा सभी के दिलों में याद बनकर जिंदा रहेंगे। बॉलीवुड में यूं तो तमाम बायोपिक फिल्में बनी हैं। लेकिन मिल्खा सिंह पर जब फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' बनी थी तो लोगों में अजीब सा उत्साह देखने को मिला था। युवा पीढ़ी ने इस फिल्म को काफी पसंद किया था और शायद इसी फिल्म के जरिए लोगों ने मिल्खा सिंह को और करीब से जाना था। 'भाग मिल्खा भाग' में एक्टर फरहान अख्तर ने मिल्खा सिंह का किरदार निभाया था। फरहान अख्तर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। ऐसे तो मिल्खा सिंह से जुड़े तमाम किस्से सुनने को मिल रहे हैं लेकिन हम आपको इस फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' और खास धावक से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे हैं।
दरअसल, मिल्खा सिंह की बेटी सोनिया सांवलका ने अपने पिता के जीवन पर 'रेस ऑफ माई लाइफ' नाम से किताब लिखी, जो साल 2013 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब के प्रकाशित होने के बाद निर्देशक राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने मिल्खा सिंह के जीवन पर फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ बनाने का फैसला लिया। फिल्म को लेकर जब वो फ्लाइंग सिख से मिले तो मिल्खा सिंह ने डायरेक्टर के सामने आजीब सी शर्त रख दी। मिल्खा सिंह ने फिल्ममेकर से सिर्फ एक रुपये का नोट लिया था। इस एक रुपये की खास बात यह थी कि एक रुपये का यह नोट साल 1958 का था, जब मिल्खा ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार स्वतंत्र भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। एक रुपये का यह नोट पाकर मिल्खा भावुक हो गए थे। यह नोट उनके लिए किसी बेशकिमती यादगार की तरह था।
