ज्ञान की किरण से छात्रों का भविष्य रोशन कर रहा मिनर्वा स्टडी सर्किल
ज्ञान के बल से ही व्यक्ति का विकास होता है और शिक्षा के लिए सही शिक्षण संस्थान का चयन करना भी बेहद जरूरी होता है। ढेरों सरकारी और निजी संस्थानों के बीच उनके भारी-भरकम दावों की कसौटी पर शिक्षण संस्थान को कैसे परखा जाए, यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में इस चुनौती को सरल करता है शिक्षण संस्थान का परिणाम और बच्चों की सक्सेस स्टोरी। बिलासपुर के घुमारवीं में स्थित मिनर्वा स्टडी सर्किल भी छात्रों के बेहतरीन परिणाम के बुते अपनी अलग पहचान स्थापित करने में कामयाब हुआ है। क्षेत्र में बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिल सके, इस मकसद से संस्थापक प्रवेश चंदेल ने 2014 में मिनर्वा स्टडी सर्किल की शुरुआत की। शुरुआती दौर में अभिभावकों के मन में विश्वास कायम करना इतना सरल नहीं था लेकिन जब मन में कुछ ठाना हो तो रास्ते खुद ब खुद बन जाते है और मंज़िल को पाना भी मुमकिन हो जाता है। इसी का प्रमाण है कि मात्र सात वर्षों में मिनर्वा स्टडी सर्किल अभिभावकों और विद्यार्थियों के मनपसंद शिक्षण संस्थान के रूप में उभरकर आया है। मिनर्वा स्टडी सर्किल छात्रों के बीच नीट व जेईई कोचिंग क्लास के लिए सबसे अधिक लोकप्रिय संस्थानों में से एक है। यहाँ केवल कोचिंग पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय छात्रों के IQ को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाता है, जो कि इस कोचिंग संस्थान के अच्छे रिजल्ट का सबसे बड़ा कारण है। हर साल यहां से नीट, जेईई व तमाम परीक्षाओं में छात्र टॉप करते हैं। छात्रों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को मिनर्वा स्टडी सर्किल साकार करने में उनकी मदद करता है। 2014 में स्थापना के बाद से मिनर्वा स्टडी सर्किल मार्गदर्शन के क्षेत्र में एक टॉप संस्थान बनकर उभरा है।
क्योंकि परिणाम बोलते है
मिनर्वा कोचिंग व शिक्षण संस्थान घुमारवीं में हर वर्ष होनहार नीट व जेईई परीक्षा में अपनी प्रतिभा को लोहा मनवाते है। इस वर्ष भी नीट यूजी परीक्षा परिणाम में हिमाचल प्रदेश के घुमारवीं स्थित कोचिंग व शिक्षण संस्थान मिनर्वा स्टडी सर्किल तथा मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने इतिहास रचा है। मिनर्वा संस्थान के कुल 38 अभ्यर्थियों ने इस ऑल इंडिया लेवल की परीक्षा में 500 से अधिक अंक हासिल किये है। आरक्षित श्रेणी के 11 अन्य विद्यार्थियों ने 450 से अधिक अंक हासिल किए है। मिनर्वा संस्थान के विद्यार्थियों ध्रुव शर्मा ने 655, आलोक गौतम ने 607, सृजन शर्मा ने 584, अर्शिता ने 575, अंजली पटियाल ने 565, मनीष कुमार ने 565, अमृता ठाकुर ने 563, सूर्यांश ने 563, गौरव ने 563, ईवानी गुलेरिया ने 560, हर्षित ने मिश्रा 560, दिव्यांशी ने शर्मा 558, सिया तुली ने 558, दिया शर्मा ने 537, कशिश ठाकुर ने 535, आकांक्षा ने 535, निधि वर्मा ने 534, राघवेन्द्र भारद्वाज ने 533, एंजेल ठाकुर ने 531, शशांक रूडकी ने 522, मोनिका ठाकुर ने 519, नेहा चन्देल ने 518, आकांक्षा ने 514, शिवानी ने 503, आंचल ने 503, ईशा ने 500, इशिता ने 500, सुपर्ण ने 498 व दिक्षित ने 498 अंक प्राप्त कर अनारक्षित श्रेणी में सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में दाखिला पाने की अपनी सम्भावना को बरकरार रखा है। इस वर्ष मिनर्वा कोचिंग सेंटर के 38 होनहार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें संस्थान के विद्यार्थी ध्रुव शर्मा ने सबसे अधिक 655 अंक झटके हैं।
बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को नगद पुरस्कार
बच्चों को इस तरह कि परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देने के लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल द्वारा नगद पुरस्कार प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत नीट की परीक्षा में मिनर्वा संस्थान का जो भी विद्यार्थी हिमाचल में प्रथम स्थान ग्रहण करेगा, उसको संस्थान एक लाख रुपये, दूसरे स्थान वाले को 90 हजार, तीसरे स्थान पर रहने वाले को 80 हजार व चौथे स्थान पर 70 हजार, पाँचवा स्थान ग्रहण करने वाले को 60 हजार, छठे स्थान के लिए 50 हजार, सातवें स्थान वाले को 40 हजार, आठवां स्थान ग्रहण करने वाले को 30 हजार, नौवां स्थान प्राप्त करने पर 20 हजार और दसवें स्थान से लेकर 20वीं स्टेट रैंक तक के विद्यार्थी को 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
इसलिए विशेष है मिनर्वा स्टडी सर्किल
यहाँ पर प्रत्येक छात्र से सीधा संवाद कर उनके संदेह का समाधान किया जाता है। बच्चों का कांसेप्ट क्लियर हो इसके लिए इजी मेथड से समझाया जाता है। बच्चों को उच्च शिक्षण सामग्री दी जाती है और समयानुसार छात्रों के साथ बैठकर प्रत्येक विषयों पर चर्चा की जाती है। मिनर्वा स्टडी सर्किल की खास बात यह भी है कि यहाँ पर मौजूद सभी शिक्षक खुद भी एस्पिरेंट्स रहे है। मिनर्वा स्टडी सर्किल दावा करता है कि समस्त स्टाफ की नियुक्ति उनके अनुभव, इंटेलिजेंस क्वालिटी व बेहतरीन व्यवहार को देखकर की जाती है, यही कारण है कि यहाँ छात्र शिक्षकों से खुलकर अपनी बात साझा करते है। मिनर्वा स्टडी सर्किल में छात्रों को नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित सामान्य ज्ञान अध्ययन सामग्री भी प्रदान की जाती है ताकि छात्र करंट अफेयर्स से अपडेट रहे।
अचीवर्स का क्या है कहना
मिनर्वा स्टडी सर्किल मेरे जीवन में बहुत महत्व रखता है, क्योंकि आज मैं अपने सपनों को साकार करने की राह तक पहुंचा हूँ। मेरे लक्ष्य को साकार करने में मेरे गुरुजनों की अहम् भूमिका रही है। मेरे शिक्षकों ने मेरी शंकाओं का निदान किया है, कमजोर विषयों में मेरी मदद की है। हमने यहां सब कुछ सीखा। मैंने पढ़ाई के साथ - साथ नैतिक शिक्षा का ज्ञान भी प्राप्त किया। आज मैं जहां भी हूं उन्हीं की वजह से हूं। मैं हर छात्र से ये ही कहना चाहूंगा कि जीवन में सफल होने के पीछे शिक्षण संस्थान व शिक्षक का अहम रोल रहता है इसलिए सही शिक्षण संस्थान का चयन करे।
-मयंक ठाकुरमिनर्वा स्टडी सर्किल ने मेरी तैयारी में बहुत मदद की है। यहां के शिक्षक बहुत मददगार, सहायक और मेहनती हैं। उन्होंने हमें विषयों को समझने और हमारी शंकाओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया। मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल और मेरे माता-पिता की बहुत आभारी हूं।
- अलकासच कहूं तो नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षक संस्थान और पर्यावरण का चुनाव बहुत मायने रखता है। इसके लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल मेरी उम्मीदों पर खरा उतरा, संदेह निवारण और उचित मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों की अनुशासनात्मक वातावरण उपलब्धता, नियमित अभ्यास परीक्षण और मॉक टेस्ट ने मुझे बहुत मदद की। आज मैं अपने व अपने माता पिता के सपनों को साकार करने में सफल हुई हूँ। मेरा लक्ष्य अभी शेष है, लेकिन मेरी हर सफलता के पीछे मैं संस्थान का योगदान कभी नहीं भूल सकती।
-मान्या नड्डाएक स्टूडेंट होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि नीट जैसे टेस्ट को क्वालीफाई करने के लिए मिनेर्वा स्टडी सर्किल से बेहतरीन संस्थान प्रदेश में हो ही नहीं सकता। इस संस्थान कि मुख्य विशेषता ये है कि यहाँ बच्चों को लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार मोटीवेट किया जाता है। मैं यह कहना चाहूंगा कि मिनेर्वा स्टडी सर्किल आपको बहुत से अवसर प्रदान करता है। हमें सिर्फ निरंतर मेहनत करने कि आवश्यकता है।
-अभय ठाकुर
हर बच्चा होता है क्षमतावान, सही मार्गदर्शन जरूरी
बच्चों में जीवन जीने के सलीके में बहुत बदलाव आ गया है। बच्चे अपने लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर है जो अच्छी बात भी है। शिक्षण संस्थान भी एक उपवन हैं जहां बच्चे उसके फूल हैं। उन फूलों का पोषण अच्छी शिक्षा से होना आवश्यक है। यही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करता हैं। जब हम बच्चे के सर्वांगीण विकास की बात करते हैं तो वह केवल किताबी ज्ञान की ही नहीं करते है बल्कि व्यक्तित्व और विचारों से भी उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। मिनर्वा स्टडी सर्किल का भी यही लक्ष्य है कि बच्चों को सही दिशा दें और मंजिल तक पहुँचाया जाये। मिनर्वा स्टडी सर्किल की स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन करके छात्रों को उनकी क्षमता प्राप्त करने में मदद करना है। दशकों के अनुभव के साथ हम छात्रों को उनके सपनों को साकार करने में मदद करने के लिए समर्पित हैं। हम मानते है हर बच्चा काबिल होता है, क्षमतावान होता है, बस उसे जरुरत होती है उचित मार्गदर्शन की ताकि वो अपनी काबिलियत पर भरोसा करने लगे।
- प्रवेश चन्देल ,संयोजक व संस्थापक
