अब मनाली से चंडीगढ़ का सफर होगा सुहावना
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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब अटल टनल रोहतांग के बाद मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीरतपुर से मनाली तक फोरलेन के तहत बन रही 14 यातायात सुरंगें व करीब 100 से अधिक छोटे बड़े पुल यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाएंगे।
इससे अब चीन व पाकिस्तान सीमा तक सेना की पहुंच आसान होगी। रसद व जवानों को सीमा तक पहुंचाने में रक्षा मंत्रालय को हर साल करोड़ों रुपये खर्च नहीं करने होंगे। दरअसल राजमार्ग पर कीरतपुर से मनाली तक दो चरणों में फोरलेन का निर्माण कार्य हो रहा है। प्रथम चरण में कीरतपुर से नागचला तक करीब 84 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जायेगा और इसमें पांच यातायात सुरंग व 22 बड़े पुल बनाये जा रहे है। इस चरण का कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनाली से चंडीगढ़ की दूरी करीब 60 किलोमीटर कम होने से नौ घंटे का सफर मात्र पांच घंटे में तय होगा । साथ ही फोरलेन बनने से लोगों को स्वारघाट की उतराई व चढ़ाई से निजात मिलेगी।
प्रथम चरण का कार्य 90 प्रतिशत पूरा
प्रथम चरण में सड़क निर्माण का कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कुछ बड़े पुलों व सुरंगों का काम करीब 30 प्रतिशत बाकी है। दूसरे चरण में नागचला से मनाली तक फोरलेन बन रहा है। इस चरण में 11 सुरंगों व 20 से अधिक पुलों का निर्माण कार्य हो रहा है। पंडोह कटोली बाईपास के बीच नौ यातायात सुरंगें व 140 मीटर लंबे पुल बन रहे हैं। सुरंगों व पुलों का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जून तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ट्रैफिक की समस्या से भी मिलेगा छुटकारा
मंडी से टकोली के बीच अकसर पहाड़ दरकने से घंटों यातायात बाधित रहता है। इससे पर्यटकों, सेना व आम लोगों को कई प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सुरंगों व पुलों से लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। फोरलेन के निर्माण से कुल्लू मनाली, लाहुल-स्पीति व लेह लद्दाख तक पहुंचना भी आसान होगा ।
