बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की जेब पर डाला डाका
देश में त्योहारों का सीज़न शुरू हो गया है, लेकिन दुःख की बात यह हैं कि पेट्रोल हो, डीजल हो या सीएनज-पीएजी हो, हर चीज़ का दाम बढ़ता जा रहा है। इन सबके महंगा हो जाने से ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के लिए सबसे ज़्यादा जिम्मेदार पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम हैं, जो शतक लगाने के बाद भी नहीं रुक रहे। तकलीफ देने वाली बात ये है कि पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से हर चीज के दाम बढ़ते हैं। ये असर अब धीरे-धीरे सामने पेश भी आ रहा हैं। बता दें कि पिछले महीनों में मिट- मछली के दाम 19%, अंडे के दाम 33%, खाद्य तेल के दाम 33%, दालें के दाम 81%, तेल और बिजली के दाम 95%, स्वास्थ्य सेवाओं के दाम 78% व परिवहन और संचार सेवाओं के दाम 24% बढ़े हैं। महंगाई की मार से घर के चूल्हे की आग भी ठंडी होती प्रदर्शित होती जा रही हैं। हाल ही में ताजा मार गैस सिलेंडर पर पड़ी है। तेल कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर के दाम 15 रुपए बढ़ा दिए हैं। घरेलू सिलिंडर के दाम- अक्टूबर 2016 में गैस के दाम 490 रुपए, अक्टूबर 2016 में दाम 895 रुपए, अब दाम 1736 रुपए हैं। यानी कि पांच साल में दाम 841 रुपए बढ़ गए हैं।
