शिमला : आकर्षण का केंन्द्र बना चंबयाली रुमाल और बौद्धधर्म को दर्शाने वाली थांका पेंटिंग
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज़ मैदान में भाषा एवं संस्कृति विभाग और राज्य संग्रहालय की ओर से विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। रिज मैदान पर लगा ये क्राफ्ट मेला स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि सैलानियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां हाथ से बनी वस्तुएं सबको पसंद आ रही है। चाहे बात की जाए कुल्लू-किन्नौरी शॉल से लेकर चंबा रुमाल तक या बुद्धिस्म को दर्शाने वाली थांका पेंटिंग की। पांच दिवसीय तक चलने वाले इस कला शिल्प मेले यह प्रदर्शनियाँ लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इन सबके बीच अगर बात की जाए चम्बा रुमाल की तो रेशम के धागों से कॉटन और खादी के इस रुमाल पर की गई कारीगरी को देख कर हर कोई आश्चर्यचकित हो रहा है। चंबा के इस एक रुमाल की कीमत 250 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक है। इन महंगे रुमाल को बनाने के लिए 25 दिन लग जाते हैं। इस बाबत रुमाल कारीगर ने बताया कि इसके लिए विशेष धागा कई बार दिल्ली या अमृतसर से मंगवाना पड़ता है और कसीदाकारी किए रुमाल एक लाख रुपये तक बिकते है। इसी बीच बौद्धधर्म को दर्शाने वाली थांका पेंटिंग भी लोगों को खूब भा रहा है। एक थांका पेंटिंग का दाम एक लाख रुपये है। इस पेंटिंग का दाम सुन कोई इसे ख़रीदे या न ख़रीदे पर लोग इसे देखने की लिए दूर- दूर से पहुंच रहे है।
