शिमला : क्राइस्ट चर्च में क्रिस्टमस को लेकर तैयारियां शुरू
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित क्राइस्ट चर्च शिमला का माइल स्टोन माना जाता है। लेकिन करोना के कारण 2 साल से इसकी रोकन में कमी देखने को मिली है पर इस साल कोरोना के बाद 25 दिसंबर को खूब हलचल देखने को मिलेगी और कोरोना काल के बाद यहां पूरी परंपरा अनुसार आराधना होगी। इस चर्च में 150 साल पहले इंग्लैंड से लाई कॉल बेल का अपना महत्व है जिसे प्रार्थना से पहले बजाया जाता है। कहा जाता है कि यह बेल कोई साधारण घंटी नहीं है बल्कि यह मैटल से बने छह बड़े पाइप के हिस्से है। इस बेल को बजाते समय इस से संगीत के सात सुर की ध्वनि आती है। इस बेल रस्सी से खींचकर कर बजाया जाता है और इस रस्सी को किसी मशीन से नहीं, बल्कि हाथ से खींचकर बजाई जाती है। चर्च के इंचार्ज सोहन लाल ने कहा कि क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए चर्च की मरम्मत की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर रात 12 बजे इस बेल को बजाकर जश्न मनाया जाता है। इसी तरह यहां भी रविवार को प्रार्थना से ठीक 15 मिनट पहले इसे बजाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बेल 1982 में खराब हो गए थी जिसे 2019 में दोबारा ठीक करवाया गया और कोरोना के बाद इस साल इसे दुबारा से उपयोग में लाया गया है।
