प्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए खुले शक्तिपीठ, इन नियमों का पालन ज़रूरी
प्रदेश में लगभग 2 महीनों से बंद पड़े शक्तिपीठों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब सभी शक्तिपीठ बज्रेश्वरी, ज्वालामुखी, मां चामुंडा और नयनादेवी मंदिर के कपाट सहित अन्य धार्मिक स्थलों में अब श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए जा सकेंगे। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में सुबह छह बजे से ही लोग दर्शन के लिए पहुंचे। पहला दिन होने के कारण आज श्रद्धालुओं की संख्या कम ही नजर आई। श्रद्धालुओं को शक्तिपीठों में जाने और प्रसाद चढ़ाने की छूट दी गई है। धार्मिक स्थलों में हवन, यज्ञ, कन्या पूजन, कीर्तन, लंगर और घंटी बजाने बजाने पर बरहाल प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को मंदिरों में बैठने, ज्यादा देर खड़े रहने की भी मनाही है। वंही मंदिरों में पुजारी न प्रसाद बांटेंगे और न मौली बांधेंगे। गौरतलब है कि मंदिर खुलने से बाजार में भी रौनक लौट आई है, लंबे अंतराल के बाद मंदिर के कपाट खुलने से दुकानदारों को आर्थिकी सुधारने की आस जगी है।
