घर बनाने का सपना हो रहा साकार, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना बनी वरदान
प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित कर रही है, जिससे वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों के घर केे सपने को साकार करने के लिए स्वर्ण जंयती आश्रय योजना क्रियान्वित कर रही है। यह योजना भारत सरकार के वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रही है। स्वर्ण जंयती आश्रय योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारोेें को मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध करवाना है। यह योजना प्रदेश के पात्र लाभार्थियों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करवाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर करने में महत्वूपर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का आवेदन वो लोग कर सकते जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व, अन्य पिछड़े वर्ग से संबंध रखते हो और जिनकी वार्षिक आय 35,000 हजार से अधिक न हो। बीते चार वर्षों में 7116 लोग इस योजना का लाभ उठा सकते है।
आवेदन प्रक्रिया
पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकता है, जिसके साथ वार्षिक आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र कार्यकारी दंडाधिकारी से जारी किया हो तथा जिस भूमि पर मकान बनाना प्रस्तावित है उस भूमि की जमाबंदी नकल व ततीमा प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
