किसान आंदोलन अभी ख़त्म नहीं, MSP की गारंटी और मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा दे सरकार
कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को एक साल पूरा होने पर किसान बड़ी संख्या में गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए। हरियाणा के बहादुरगढ़ में तीन कृषि कानूनों के विरोध की पहली बरसी पर किसानों ने 'किसान महापंचायत' का आयोजन किया। इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी तो आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार अगर बातचीत करेगी तो आगे का समाधान निकलेगा, वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। बिना बात के कैसे समाधान निकलेगा। राकेश टिकैत ने आगे कहा, जब तक एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून नहीं आता, आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलता पीछे नहीं हटेंगे। 750 किसानों की मौत हुई उसकी जिम्मेदारी, एमएसपी पर गारंटी कानून, अजय टेनी और किसानों पर मुकदमे, इन चार सवालों का जवाब दे सरकार। एमएसपी पर गारंटी कानून बने ये मांग है हमारी। पंजाब में कई जगहों पर आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के लिए श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है। बता दें कि,
किसान MSP को कानून बनाने की मांग पर अड़े हैं। इसके अलावा प्रदूषण के लिए किसानों पर कार्रवाई ना करने की मांग भी हो रही है।
