नए साल की शुरुआत होते ही बदल जाएंगे बैंक से जुड़े नियम, इन खास बातों का रखना होगा ध्यान
साल 2021 खत्म होने में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं। नए साल की शुरुआत होते ही कई नियम बदल जाएंगे। इन नियमों में बदलाव का असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ेगा। गूगल के कई ऐप के नियम, ATM से कैश निकासी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समेत कई नियम बदल जाएंगे। 1 जनवरी से गूगल पर ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े नियम बदल जाएंगे। यह बदलाव RBI के निर्देश पर किए जा रहे हैं। यदि आप गूगल के एप पर वीजा या मास्टरकार्ड से भुगतान करना चाहते हैं तो आपको अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की हर एक डिटेल डालनी होगी। गूगल अब इन्हें सेव नहीं करेगा। अब टोकनाइजेशन सिस्टम के तहत पैसा लिया जाएगा। दरअसल वॉलेट या UPI ऐप में सेव कार्ड से हो रही ठगी को रोकने के लिए RBI ने इस तरह के ऐप को कार्ड सेव करने के ऑप्शन को खत्म करके टोकनाइजेशन सिस्टम पर काम करने को कहा था।
वंही दूसरी ओर एक जनवरी 2022 से ATM से मुफ्त निकासी की सीमा के बाद पैसे निकालने पर बैंक 20 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन की जगह 21 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज वसूलेंगे। अभी बैंक ग्राहकों को हर महीने 5 बार फ्री अपने ATM से पैसे की निकासी की इजाजत देते हैं। मुफ्त निकासी की सीमा खत्म होने के बाद पैसे निकालने पर बैंक 20 रुपये चार्ज करते हैं। लेकिन 1 जनवरी से छठी बार पैसे निकालने पर 21 रुपये और उसपर टैक्स जोड़कर चार्ज देना होगा।
इसी के साथ ऑनलाइन पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी मर्चेंट और पेमेंट गेटवे से कस्टरम के डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील डिटेल्स को हटाने के लिए कहा है जो उनके पास सेव हैं। नए डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड नियम 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे और RBI ने मर्चेंट और पेमेंट गेटवे को लेनदेन करने के लिए एन्क्रिप्टेड टोकन का उपयोग करने के लिए भी कहा है। बैंकों ने भी अपने ग्राहकों को इसकी जानकारी देनी शुरू कर दी है। टोकन का उपयोग करते समय कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी जैसी डिटेल्स देने की जरूरत नहीं है, जैसे डेबिट/क्रेडिट कार्ड लेनदेन करते समय इसकी आवश्यकता होती है।
