हजारों कर्मचारियों को जल्द मिलेगा पदोन्नति का लाभ
2022 से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारी वर्ग को साधने के प्रयास में जुट गई है। लगा रहा है कि उपचुनाव में मिली पराजय के बाद प्रदेश सरकार को कर्मचारी भी नज़र आने लगे है और उनकी जायज लंबित मांगें भी। अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में जयराम सरकार पूरी तरह कर्मचारी हितैषी हो गई है और कर्मचारियों की मांगें एक के बाद एक पूरी कर उन पर खूब प्यार बरसाया जा रहा है। हाल ही में लंबे समय से कर्मचारियों की लंबित व बेहद महत्वपूर्ण मांग को जयराम सरकार ने पूरा कर दिया है । प्रदेश के लिपिक और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट अब 10 साल में प्रमोट हो सकेंगे। पहले इस वर्ग को 13 साल के बाद प्रमोशन का प्रावधान था। इसमें तीन साल का अनुबंध और 10 साल का नियमित सेवाकाल गिना जाता था। अब सरकार ने प्रमोशन के लिए नियमित सेवाकाल की 10 साल की शर्त को हटाकर सात साल कर दिया है। जबकि अनुबंध सेवाकाल तीन साल का ही रहेगा। इससे प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात इन कर्मचारियों को राहत मिली है।
तीन साल के अनुबंध के बाद सात साल का नियमित सेवाकाल पूरा करने पर संबंधित कर्मचारी पदोन्नति के लिए पात्र हो जाएगा। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों की ओर से इस अनुबंध काल को नियमित सेवा काल की शर्त में समाहित करने की मांग उठती रही थी। चूंकि अब जल्द ही कर्मचारियों के साथ सरकार की जेसीसी बैठक होनी है, ऐसे में सरकार ने इस बैठक से पहले ही कर्मचारियों को बड़ी सौगात दे दी है। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ जल्द मिल सकेगा। हिमाचल प्रदेश समस्त विभाग लिपिक वर्ग कर्मचारी महासंघ ने लिपिक से सीनियर असिस्टेंट पदोन्नति की समय अवधि 10 वर्ष से सात साल करने पर सरकार का आभार जताया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंदर शर्मा, महासचिव एलडी चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम, कानूनी सलाहकार अमर शर्मा ने कहा की 1 मार्च 2020 को समस्त विभाग लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के चुनाव जल शक्ति भवन में हुए थे। संघ का एकमात्र लक्ष्य लिपिक वर्ग की मांगो को सरकार से पूरा करवाना था। संगठन के गठन का पूरा ब्योरा प्रदेश सरकार को भी भेजा गया था।
