दरबार हॉल में सादगी से सबका दिल जीत गईं तुलसी गोडा, जानिए कौन है तुलसी गोडा
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को 119 शख्सियतों को पदमश्री अवॉर्ड दिया गया है। तमाम वीआईपी व हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच इनमें से एक शख्सियत ने सभी लोगो का ध्यान अपनी ओर खींचा। वह है कर्नाटका की तुलसी गोडा। तुलसी गोडा पर्यावरणविद हैं। इन्हें इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट भी कहा जाता है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में तुलसी की सादगी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वह नंगे पैर और अपने पारंपरिक पहनावे में राष्टपति भवन पहुंचीं थी। उन्हें देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े लोगों ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। वंही तुलसी गोडा की एक तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टाग्राम पर शेयर की है। कार्य़क्रम के दौरान ली गई एक तस्वीर में पीएम नरेंद्र मोदी तुलसी गोडा का अभिवादन करने के साथ ही उनसे बात करते भी दिख रहे हैं।
बता दें कि तुलसी गोडा कर्नाटक के होनाली गांव से संबंध रखती है। वह 6 दशक से भी ज्यादा समय से पर्यावरण के लिए काम कर रहीं हैं। तुलसी अब तक 30 हजार से ज्यादा पौधे लगा चुकी हैं। वह वन विभाग की नर्सरी की देखभाल भी करती है। 77 साल की तुलसी आदिवासी हैं और पौधों व जड़ी-बूटियों की अपनी समझ के लिए भी मशहूर हैं। एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली तुलसी गोडा ने जन्म के 2 साल बाद ही अपने पिता को खो दिया था। छोटी उम्र में वह अपनी मां के साथ नर्सरी में काम करती थीं। वह कभी स्कूल नहीं गई। वहीं से उनके आंदर पर्यावरण के लिए काम करने का जज्बा आ गया।
