तमिलनाडु में दीपावली समापन उत्सव एक-दूसरे पर गोबर फेंककर मनाते हैं ग्रामीण
दीपावली के पर्व को कुछ जगहों पर लोग बड़े ही रोचक अंदाज में मनाते हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक बॉर्डर पर गुमतापुरा गां के लोग हर वर्ष एक दूसरे पर गाय का गोबर फेंककर दीपावली के त्योहार को विदाई देते हैं। इसे स्थानीय भाषा में गोरहब्बा उत्सव भी कहा जाता है। बताया जाता है कि गुमतापुरा गांव के स्थानीय लोग दशकों से इस त्योहार को मनाते आ रहे हैं। गुमतापुरा गांव के रहने वाले कई युवा या फिर बुजुर्ग इस गाय गोबर उत्सव में हिस्सा लेते हैं। इस उत्सव में हिस्सा लेने वाले लोग गांव में गाय रखने वाले लोगों के घरों में जाते हैं और गोबर इकट्ठा करते हैं। इसके बाद कुछ पूजा या स्थानीय रीति रिवाज के साथ गोबर को ट्रैक्टर के जरिए गांव के मंदिर के पास लाया जाता है। फिर गोबर को खुले क्षेत्र में रख दिया जाता है। लोग वहां जमां होते हैं और एक दूसरे पर गोबर फेंकते हैं। काफी देर तक ये सिलसिला जारी रहता है। ये उत्सव पुरानी परंपरा का एक हिस्सा है। इसे दिपावली त्योहार के एक हिस्से के रुप में मनाया जाता है। इस उत्सव को दीपावली त्योहार के समापन के तौर पर भी देखा जाता है। कहा जाता है कि यहां के लोग ये पर्व कई सालों से मना रहे हैं। इस उत्सव को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। दूसरे राज्यों के लोग भी इस उत्सव को देखने के लिए जमा होते हैं। मान्यता ये भी है कि इस गोबर से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं।
