महिलाओं को हौंसला प्रदान कर रही विधवा पेंशन योजना
हिमाचल प्रदेश की विधवा पेंशन योजना से न केवल विधवा, परित्यक्ता व एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है बल्कि जीवन जीने के लिए हौसला भी प्रदान कर रही है। प्रदेश में बहुत सी ऐसी महिलाएं है जिनके घर में कोई भी रोजगार का कार्य करने वाला नहीं है, जिनके पति की मृत्यु हुई है या फिर महिला तलाकशुदा है। उनकी इस परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने विधवा पेंशन योजना शुरू किया है। पहले राज्य सरकार प्रदेश की विधवा महिलाओं को 850 रुपये की सहायता राशि वितरण करती थी। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत हर महीने 1000 रुपए की सहायता राशी दी जाती है। इस योजना का लाभ वो सभी महिलाएं उठा सकती है जो विधवा, परित्यक्ता अथवा 45 वर्ष से अधिक आयु की एकल नारी हो तथा जिनकी पालन-पोषण का उचित साधन न हो। इस योजना के अंतर्गत 1000 रुपए प्रतिमाह (आय सीमा 35,000 रुपए वार्षिक) और 70 वर्ष या इससे अधिक आयु की विधवा पेंशनरों को 1500 रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। प्रदेश के 100945 लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे है।
आवेदन की प्रक्रिया
निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतु संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है। 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रार्थी अपने प्रार्थना पत्र सीधे तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है।
- हिमाचल प्रदेश विधवा पेंशन योजना के दस्तावेज
- *महिला हिमाचल प्रदेश की स्थाई निवासी होनी चाहिए
- *महिला के पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- *परिवार का राशन कार्ड
- *पहचान पत्र
- *बैंक खाता पासबुक
