ऊर्जा के स्तर पर नौनी और वानिकी करेंगे मिलकर कार्य
डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और यूनाइटेड किंगडम की क्रेनफील्ड यूनिवर्सिटी सौर ऊर्जा अनुप्रयोगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की दिशा में काम करेगें। क्रेनफील्ड विश्वविद्यालय की एन्हांस्ड कंपोजिट और स्ट्रक्चर्स सेंटर में विनिर्माण के अनुसंधान लैक्चर डॉ समीर रहाटेकर ने हाल ही में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों का पता लगाने के लिए नौणी विवि के कुलपति डॉ परविंदर कौशल के साथ बैठक की। यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशंस के संयोजक डॉ राजेश भल्ला और वैज्ञानिक डॉ आरके अग्रवाल ने भी इस चर्चा में भाग लिया। इस बैठक के दौरान सौर संचालित इसैन्श्यल ऑइल मशीन जैसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस मशीन को खेत में ही स्थापित किया जा सकता है। तैयार उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ कच्चे माल की परिवहन लागत को कम करने में यह मशीन लाभदायक है। डॉ रहाटेकर ने चील की पत्तियों और कागज उद्योग के कचरे का उपयोग करके फाइबर शीट विकसित करने के लिए सहयोग में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय उन क्षेत्रों में काम कर सकते हैं जहां सौर ऊर्जा का उपयोग ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता को कम करने के लिए किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ परविंदर कौशल ने कहा कि नौणी विवि को बागवानी और वानिकी में विशेषज्ञता हासिल है और दोनों विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परियोजनाओं के लिए संकाय का आदान-प्रदान और पीजी स्तर पर संयुक्त कार्यक्रम जहां एक-दूसरे संस्थानों में अनुसंधान का विकल्प हो की संभावनायें खोजी जा सकती है।
